परमाणु हमले का आदेश कौन दे सकता है?

आईये जाने परमाणु हमले का आदेश कौन दे सकता है?

Agni 3 Missile Nuclear India परमाणु हमले का आदेश कौन दे सकता है?

परमाणु बम छोड़ने के लिए प्रधानमंंत्री के पास सिर्फ एक स्मार्ट कोड होता है। परमाणु बम को दागने का असली बटन तो परमाणु कमांड की सबसे निचली कड़ी या टीम के पास होता है जिसे वाकई में यह मिसाइल दागनी होती है।

यह भी सच है कि भारत में परमाणु हमला करने के निर्णय सिर्फ प्रधानमन्त्री के पास होता है। हालाँकि प्रधानमंंत्री  अकेले निर्णय नही ले सकता है, उसे परिस्थितियों के अनुसार अपनी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चेयरमैन ऑफ़ चीफ ऑफ़ स्टाफ कमेटी से राय लेकर ही परमाणु हमला करने का निर्णय ले सकता है।

Nuclear Command Authority

परमाणु हमला करने की पूरी प्रक्रिया क्या है? (Process of Nuclear Attack in India)

1. परमाणु ब्रीफकेस

प्रधानमंंत्री के साथ हमेशा एक सिक्यूरिटी गार्ड चलता है जिसके पास एक ब्रीफकेस जैसा बॉक्स होता है इसे परमाणु ब्रीफकेस कहा जाता है। इसका वजन लगभग 20 किलो होता है, इसमें कंप्यूटर और रेडियो ट्रांसमिशन उपकरण आदि सामान होता है और यह बुलेट प्रूफ भी होता है. इस ब्रीफकेस में उन ठिकानों की जानकारी भी होती हैं जहाँ पर परमाणु हमला करना होता है. अभी तक लगभग 5000 ठिकानों की पहचान की जा चुकी है और समय-समय पर इनकी समीक्षा करके इसमें नए ठिकानों को जोड़ा जाता है। 

2. स्मार्ट कोड

प्रधानमंत्री के पास एक स्मार्ट कोड होता है, यह कोड परमाणु हमला करने के लिए वेरिफिकेशन कोड के रूप में परमाणु कमांड को भेजा जाता है। भारत में प्रधानमन्त्री के पास यह अधिकार होता है कि वह इस कोड का नाम अपने मन मुताबिक रख सके।

3. दो अन्य सेफ कोड

प्रधानमन्त्री के स्मार्ट कोड के अलावा दो अन्य कोड होते हैं, जो कि लॉकर में बंद होते हैं और ये कहाँ रखे हैं इन्हें हर कोई नही जानता है, सेना में परमाणु बैटरी यूनिट वायुसेना के कमांडिंग ऑफिसर से साथ दो अन्य अधिकारी होते हैं इनके पास अलग - अलग  लॉकर होते हैं, इन्हें सेफ कोड कहते हैं. ये सेफ कहाँ रखे गए हैं इसका पता सिर्फ कुछ अफसरों को ही होता है. इन सेफ़ों को रखने की जगह को समय समय पर बदल दिया जाता है।

4. मैच कोड या परमाणु हमले की तैयारी

प्रधानमन्त्री का स्मार्ट कोड मिलने के बाद कमांडिंग ऑफिसर दोनों साथी अधिकारियों को यह कोड बताता है जो अपने-अपने सेफ कोड खोलकर उसका मिलान करते हैं। यदि तीनों कोड सही पाए जाते हैं तो परमाणु हमला कर दिया जाता है।

क्या प्रधानमन्त्री का स्मार्ट कोड मिलने के बाद तुरंत हमला हो जाता है?

नही ऐसा नही होता है. क्योंकि हवाई हमले के लिए लड़ाकू विमान को तैयार करना या थल सेना बैटरियों और नौसेना द्वारा मिसाइलों को दागने की तैयारी में कुछ मिनट तक का समय लग सकता है।

देश का रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संगठन (DRDO), पानी के भीतर परमाणु पनडुब्बी में नेटवर्क, परमाणु हमला करने के सक्षम वायुयानों और हवाई अड्डों पर कंप्यूटर और नेटवर्क से सम्बंधित पूरी जिम्मेदारी संभालता है।

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