Turtle Facts [कछुए की लम्बी उम्र का राज]

कछुए (Turtles) या कूर्म टेस्टूडनीज़ नामक सरीसृपों के जीववैज्ञानिक गण के सदस्य होते हैं जो उनके शरीरों के मुख्य भाग को उनकी पसलियों से विकसित हुए ढाल-जैसे कवच से पहचाने जाते हैं। विश्व में स्थलीय कछुओं और जलीय कछुओं दोनों की कई प्रजातियाँ हैं। कछुओं की सबसे पहली जातियाँ आज से 15 करोड़ वर्ष पहले उत्पन्न हुई थीं, जो की सर्वप्रथम सर्पों व मगरमच्छों से भी पहले था। इसलिये वैज्ञानिक उन्हें प्राचीनतम सरीसृपों में से एक मानते हैं। कछुओं की कई जातियाँ विलुप्त हो चुकी हैं लेकिन ३२७ आज भी अस्तित्व में हैं। इनमें से कई जातियाँ ख़तरे में हैं और उनका संरक्षण करना एक चिंता का विषय है। इसकी उम्र 300 साल से अधिक होती है
                                         
हिंदू धर्म में घर में कछुआ रखने को बहुत शुभ माना जाता है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु का एक रूप कछुआ था। भगवान विष्णु ने कछुए का रूप धारण कर समुद्र मंथन के समय मंद्रांचल पर्वत को अपने कवच पर थामा था। कहा जाता है कि जहां कुछआ होता है, वहां लक्ष्मी का आगमन होता है। फेंगशुई में भी कछुआ रखना बेहद शुभ माना गया है। इससे घर और ऑफिस में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। आइए पहले जानते हैं इसके लाभ और उसके बाद इसे रखने की सही दिशा क्योंकि गलत दिशा में रखने से शुभ के बजाए अशुभ परिणाम प्राप्त होने लगते हैं

कछुए की लम्बी उम्र का राज

कछुआ की उम्र 300 वर्ष से भी अधिक

कछुआ पृथ्वी पर सबसे अधिक दिनों तक जीवित रहने वाला जीव माना जाता है। रेंगनेवाले यानी सरीसृप जीवों की श्रेणी में आने वाले इस जीव की   उम्र 300 वर्ष से भी अधिक मानी जाती है। सबसे अधिक वर्षो तक जीवित  रहने वाला कछुआ हनाको कछुआ था, जो लगभग 226 वर्षो तक जीवित  रहा। इसकी मृत्यु 17 जुलाई 1977 को हुई थी। क्या आपने कभी सोचा है कि  आखिर क्या वजह है कि कछुआ इतने वर्षो तक जीवित रहता है। दरअसल,  उसकी उम्र अधिक होने की वजह यह है कि उसका विकास सतत होता रहता है और वह सुप्तावस्था में रहता है। साथ ही, अन्य सरीसृप की तरह कछुआ भी शीत रक्त (कोल्ड ब्लडेड) वाला होता है। यही वजह है कि स्वयं को  सक्रिय रखने के लिए उसे शरीर को गर्म करने की आवश्यकता होती है। वे आसपास के वातावरण से गर्मी लेते हैं।  सर्दियों में जब आहार की समस्या बढ जाती है और तापमान काफी कम हो जाता है, तो वे खाना बंद कर देते हैं।  शीत ऋतु में उनके सांस लेने की गति और दिल की धडकन की गति भी कम हो जाती है और वे गहरी नींद में चले जाते हैं। अध्ययन से पता चलता है कि अपने शुरूआती दिनों में कछुए के विकास की गति काफी तेज होती है और सतत गति से विकास करते रहते हैं। लेकिन विकास की यह गति उम्र के साथ-साथ कम होती जाती है।

दुनिया के सबसे विशाल कछुएं

Biggest Turtle in the world

               

                
आज के इस दौर में खबरे जंगल में आग तरह फैल जाती है। सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म बनकर उभरा है। जिसके माध्यम से लोग एक पल में देश और विदेश दोनों जगहों पर वीडियो,फोटो और जानकारी भेज देते हैं। लेकिन कुछ दिनों पहले से सोशल मीडिया पर कई विशाल कछुओं की तस्वीरें सालों से वायरल हो रही हैं। इन तस्वीर को देखने के बाद एक बार तो आदमी अपनी आंखो पर भरोसा नही होता इन तस्वीरों में कितनी सच्चाई हैं ये बात कोई नहीं जनता। 

काले रंग का कछुआ

Black Turtle


भारत की 28 कछुओं की प्रजातियों में से सबसे दुर्लभ प्रजाति के काले रंग का कछुआ (Black Softshell Turtle) असम के गुवाहाटी के हाजो में हयाग्रीव माधव मंदिर के तालाब में पाला जा रहा है।
  • स्थानीय लोग तालाब में पाए जाने वाले कछुए की इस प्रजाति को भगवान विष्णु का अवतार मानते हैं जिन्हें हाजो मंदिर समर्पित है।
  • कछुए की यह प्रजाति भारत (असम) और बांग्लादेश (चटगाँव और सिलहट) में मीठे जल में पाई जाती है।
  • 2002 में इस प्रजाति को IUCN की परिशिष्ट 1 तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची IV के रेड लिस्ट में ‘जंगलों में विलुप्त’ (Extinct in the Wild) के रूप में शामिल किया गया है।

Turtle Facts in Hindi 

कछुए से जुड़े रोचक तथ्य 

  • साल 1968 में सेवियत संघ का पहला यान चांद का चक्कर लगाकर वापिस धरती पर लौटा था। इस यान में कछुओं को बैठा कर भेजा गया था। वापिस आने पर जब कछुओं का निरिक्षण किया गया तो पता चला कि कछुओं के वजन में 10% की कमी आई है।
  • कछुओं के मुंह में दांत नहीं होते, बल्कि एक तीखी प्लेट की तरह हड्डी का पट्ट होता है जो भोजन चबाने में इनकी सहायता करता हैं।
  • समुद्री कछुआ को Green Turtle भी कहते है | इसका वैज्ञानिक नाम Chelone Mydas है | यह हिन्द महासागर और अटलांटिक महासागरो में पाया जाता है।
  • कछुए जितने गर्म मौसम में रहते हैं उनका कवच उतने ही हल्के रंग का होता है और जो Turtle ठंडे इलाकों में रहते हैं उनका कवच गहरे रंग का होता है।
  • समुद्री कछुए के संबध में एक रोचक तथ्य यह है कि ये जल नही पीते वरन आँखों के उपर स्थित एक जोड़ी ग्रन्थियो के द्वारा समुद्र से लवण प्राप्त करते है।
  • शीतकाल में यह जमीन के भीतर शीतनिष्क्रिय अवस्था में चला जाता है। जीव वैज्ञानिक इस क्रिया को हाइबरनेशन ( Hybernation) कहते है। जाहिर है कि भयंकर ठंड से बचने के लिए अनेक जीव जन्तु ठंडक में शीतनिष्क्रिय हो जाते है।
  • कछुआ जब अपने कवच में छुपता है तो उसे अपने फेफड़ों की हवा निकालनी पड़ती है। ऐसा करते हुए आप उसे सांस छोड़ते हुए सुन भी सकते है।

19 साल जीवन से संघर्ष

19 सालों तक बोतल की रिंग में फसा रहा 

                   
इस कछुए का आकार बाकी सभी कछुओं से थोड़ा अलग हैं। इस कछुए का बीच का हिस्सा दो भागो में बटा हुआ हैं। इसकी वजह ये हैं कि इस कछुए की बॉडी में प्लास्टिक के बोतल की रबड़ रिंग करीब 19 सालो तक फसी रही इस कारण कछुए के अंदरूनी हिस्से दो भागो में बंट गए। जब ये कछुआ छोटा था तो इंसानों के फेके कचरे की वजह से ये प्लास्टिक रिंग उसकी बॉडी में अटक गई होगी। उस दौरान जरुर इस कछुए ने इसे बॉडी से निकालने की कोशिश की होगी लेकिन वो असफल रहा। फिर वक़्त बीतता गया और कछुआ बॉडी में फसी इस प्लास्टिक रिंग के साथ ही बड़ा होता चला गया। इस तरह जब कछुआ 19 साल का हुआ तब कुछ समुद्री वैज्ञानिको को ये दिखाई दिया। 

क्या घर में कछुआ रखना हैं लाभदायक

गलत दिशा में रखने से शुभ के बजाए हो सकते हैं अशुभ परिणाम

  • जिसको धन संबंधी परेशानी हो तो उसे कछुआ रखने से लाभ होगा. यदि किसी को धन संबंधी परेशानी हो, तो उसे क्रिस्टल वाला कछुआ लाना चाहिए।
  • कछुआ बहुत शुभ माना जाता है. इसलिए कहा जाता है कि इसे पास रखने से नौकरी और परीक्षा में सफलता प्राप्त होती है।
  • फेंगशुई में वस्तुओं को सही दिशा में रखने का खास निर्देश है तभी इसका पूरा लाभ मिलता है. उदाहरण के तौर पर, अगर आप फेंगशुई कछुए को गलत ढंग से रखते हैं तो इससे फायदे की जगह नुकसान हो जाएगा।
  • नया व्यापार शुरू करते समय अपनी दुकान या ऑफिस में चांदी को कछुआ रखना बहुत शुभ माना जाता है।
  • दफ्तर या घर के पिछले हिस्से (बैकयार्ड) में कछुए को रखने से अपार ऊर्जा का एहसास होगा और आप अपने सभी कार्य ठीक तरीके से कर पाएंगे।
  • अगर करियर में खूब तरक्की चाहते हैं तो काले रंग के कछुए को उत्तर दिशा में रखें. ऊर्जा बढ़ने से बिजनेस और करियर में तरक्की की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
  • घर के मुख्य द्वार पर पश्चिम की दिशा में कछुआ रखने से सुरक्षा मिलती है।

दोस्तों आपको हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी कैसी लगी, अगर कोई सुझाव या कोई सवाल हों तो  Comment Box  में जरूर बताए | अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। 

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