प्रसिद्ध भारतीय हिन्दू मंदिर [ Famous Indian Hindu Temples]



भारत में विभिन्न धर्मों के लोग देश को एक सराहनीय पहचान प्रदान करते हैं। विभिन्न विचारधाराओं के लोगों के इस प्रकार मिलजुल कर रहने से देश में एक संदेह रहित सुखद वातावरण का निर्माण होता है। भारत में रहने वाले लोग किसी भी प्रकार की बाधाओं के बिना स्वतंत्रतापूर्वक अपने धर्म का पालन कर सकते हैं। यही कारण है कि देश के हर कोने में आपको किसी भी धर्म की आस्था मिल जायेगी। दुनिया भर में लगभग 900 मिलियन हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं और इस प्रकार हिंदू बाहुल्य वाले देश में हिंदू मंदिरों को खोजना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। देश में लाखों हिंदू मंदिर हैं। इनमें से कुछ बहुत ज्यादा प्राचीन हैं। कई हिंदू मंदिर ऐसी शैलियों से बनाये गये हैं कि देखने वाले आश्चर्यचकित हो जाएं। भक्तों ने अपनी पुरानी विरासत का बहुत ध्यान रखा है जिसके कारण पुराने मन्दिर नष्ट होने से बचे हुऐ हैं।

1. जगन्नाथपूरी मंदिर-

                                                
जगन्नाथ मंदिर उड़ीसा के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। यह मंदिर भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) को समर्पित है। पुरी का जगन्नाथ धाम चार धामों में से एक है। मंदिर का वार्षिक रथयात्रा उत्सव प्रसिद्ध है। इस रथ की रस्सियों खींचने और छूने मात्र के लिए पूरी दुनिया से श्रद्धालु यहां आते हैं, मान्यता है कि इससे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसमें मंदिर के तीनों मुख्य देवता- भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भ्राता बलभद्र और भगिनी सुभद्रा, तीनों तीन अलग-अलग भव्य और सुसज्जित रथों में विराजमान होकर नगर की यात्रा को निकलते हैं। मध्य काल से ही यह उत्सव अति हर्षोल्लस के साथ मनाया जाता है।

2. तिरुपति बालाजी मंदिर -

                                              
श्री वेंकटेश्वर का यह पवित्र व प्राचीन मंदिर पर्वत की वेंकटाद्रि नामक 7वीं चोटी पर स्थित है, जो श्री स्वामी पुष्करणी नामकतालाब के किनारे स्थित है। इसी कारण यहां पर बालाजी को भगवान वेंकटेश्वर के  नाम से जाना जाता है। यह भारत के उन चुनिंदा मंदिरों में से एक है जिसके पट सभी  धर्मानुयायियों के लिए खुले हुए हैं। पुराण व अल्वर के लेख जैसे प्राचीन साहित्य स्रोतों के अनुसार कल‍ियुग में भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने के पश्चात ही मुक्ति संभव है। 50 हजार से भी अधिक श्रद्धालु इस मंदिर में प्रतिदिन दर्शन के लिए आते हैं। इन तीर्थयात्रियों की देखरेख पूर्णतः टीटीडी के संरक्षण में है।


3. शिर्डी साईं बाबा मंदिर -
                                             
श्री साईबाबा का मंदिर शिर्डी गांव, जो अहमदनगर राज्य, महाराष्ट्र भारत में स्थित है। यह मंदिर सभी धर्मो का धार्मिक स्थल कहा जाता है। यह शिर्डी गांव के दिल में स्थित है और यह दुनिया भर से तीर्थयात्रियों का एक प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर को शिर्डी के साईं बाबा के नाम से भी जाना जाता है। साईं बाबा के आध्यात्मिक गुरु थे। साईं बाबा को उनके भक्तों द्वारा संत, एक फकीर, एक सत्गुरु और भगवान शिव के अवतार के रूप में मानते है। साईं बाबा ने अपने जीवन काल में कई चमत्कार किए, जिनमें से अधिकांश चमत्कारों द्वारा बीमारियों का उपचार भी किया था। इसमें हैजा, कुष्ठ रोग, और प्लेग जैसे रोगों का पर्याप्त इलाज न मिल पाने के कारण बीमारियाँ बड़े पैमाने पर थीं।

4. वैष्णो देवी मंदिर-
                                           
वैष्णो देवी का विश्व प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में कटरा नगर के समीप की पहाड़ियों पर स्थित है। यह भारत में तिरूमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थ स्थल है। त्रिकुटा की पहाड़ियों पर स्थित एक गुफा में माता वैष्णो देवी की स्वयंभू तीन मूर्तियां हैं। देवी काली (दाएं), सरस्वती (बाएं) और लक्ष्मी (मध्य), पिण्डी के रूप में गुफा में विराजित हैं। इन तीनों पिण्डियों के सम्मि‍लित रूप को वैष्णो देवी माता कहा जाता है। इस गुफा में एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है। इस चबूतरे पर माता का आसन है जहां देवी त्रिकुटा अपनी माताओं के साथ विराजमान रहती हैं। भवन वह स्थान है जहां माता ने भैरवनाथ का वध किया था। प्राचीन गुफा के समक्ष भैरो का शरीर मौजूद है और उसका सिर उड़कर तीन किलोमीटर दूर भैरो घाटी में चला गया और शरीर यहां रह गया। जिस स्थान पर सिर गिरा, आज उस स्थान को 'भैरोनाथ के मंदिर' के नाम से जाना जाता है। कटरा से ही वैष्णो देवी की पैदल चढ़ाई शुरू होती है जो भवन तक करीब 13 किलोमीटर और भैरो मंदिर तक 14.5 किलोमीटर है।


5. दक्षिणेश्वर काली मंदिर-
                                                  
दक्षिणेश्वर काली मंदिर हुगली नदी तट पर बेलूर मठ के दूसरी तरफ स्थित है।अनुश्रुतियों के अनुसार इस मंदिर समूह में भगवान शिव के कई मंदिर थे जिसमें से अब केवल 12 मंदिर बचे हुए हैं। बेलूर मठ तथा दक्षिणेश्‍वर मंदिर बंगालियों के अध्‍यात्‍म का प्रमुख केंद्र है। विवेकानंद  जी के गुरु रामकृष्ण परमहंस का इस मंदिर से नाता है।
दक्षिणेश्वर काली मंदिर में देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। लंबी-लंबी कतारों में घंटो खड़े होकर देवी माँ काली के दर्शन का इंतज़ार करते हैं। कहते हैं कि दक्षिणेश्वर काली मंदिर में रामकृष्ण परमहंस को दक्षिणेश्वर काली ने दर्शन दिया था। दक्षिणेश्वर काली मंदिर से लगा हुआ परमहंस देव का कमरा है, जिसमें उनका पलंग तथा दूसरे स्मृतिचिह्न सुरक्षित हैं। दक्षिणेश्वर काली मंदिर के बाहर परमहंस की धर्मपत्नी श्रीशारदा माता तथा रानी रासमणि का समाधि मंदिर है और वह वट वृक्ष है, जिसके नीचे परमहंस देव ध्यान किया करते थे।


6. प्रेम मंदिर-
                                                
प्रेम मंदिर भारत के मथुरा, वृंदावन में एक हिंदू मंदिर है। यह जगद्गुरु कृपालु परिषद, एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी, शैक्षणिक, आध्यात्मिक, धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा बनाए रखा जाता है। मंदिर की संरचना पांचवी जगद्गुरु, कृपालु महाराज द्वारा स्थापित की गई थी। श्रीकृष्ण और उनके अनुयायियों के आंकड़े भगवान के अस्तित्व के आस-पास महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाते हुए मुख्य मंदिर को कवर करते हैं। इसका निर्माण जनवरी 2001 में शुरू हुआ और उद्घाटन समारोह 15 फरवरी से 17 फरवरी 2012 तक हुआ। मंदिर 17 फरवरी को जनता के लिए खोला गया था।

7. सोमनाथ मंदिर-
                                                     
इस मंदिर के निर्माण से कई धार्मिक और पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसा माना जाता है कि, इस मंदिर का निर्माण खुद चन्द्रदेव सोमराज ने किया था, जिसका वर्णन ऋग्वेद में भी मिलता है। सोमनाथ मंदिर के समृद्ध और अत्यंत वैभवशाली होने की वजह से इस मंदिर को कई बार मुस्लिम आक्रमणकारियों और पुर्तगालियों द्धारा तोड़ा गया तो साथ ही कई बार इसका पुर्ननिर्माण भी हुआ है। वहीं महमूद गजनवी द्धारा इस मंदिर पर आक्रमण करना, इतिहास में काफी चर्चित है। वर्तमान सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण प्राचीन हिन्दू वास्तुकला एवं चालुक्य वास्तुशैली में किया गया है, वहीं कई लोककथाओं के मुताबिक, इस पवित्र तीर्थस्थल में भगवान श्री कृष्ण ने अपना शरीर भी छोड़ा था।

8. काशी विश्वनाथ मंदिर-

                                              
काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है। यह वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत में स्थित है। यह मंदिर पवित्र नदी गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित है, और बारह ज्योतिर्लिंगस में से एक है, जो शिवमेटल के सबसे पवित्र हैं। मुख्य देवता विश्वनाथ या विश्वेश्वर नाम से जाना जाता है जिसका अर्थ है ब्रह्मांड के शासक है। वाराणसी शहर को काशी भी कहा जाता है। इसलिए मंदिर को काशी विश्वनाथ मंदिर कहा जाता है। 

9. अक्षरधाम मंदिर-
                                                
भारत की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के तट पर स्थित अक्षरधाम या स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर भारतीय संस्कृति, वास्तुकला, और आध्यात्मिकता के लिए एक सच्चा चित्रण है। इसे ज्योतिर्धर भगवान स्वामिनारायण की पुण्य स्मृति में बनवाया गया है। यह परिसर लगभग 100 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। इसीलिए इसको दुनिया का सबसे विशाल हिंदू मन्दिर परिसर होने का गौरव हासिल है और 26 दिसम्बर 2007 को इसको गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिका‌र्ड्स में शामिल किया गया है। इस मंदिर की खासियत यह भी है कि इसमें स्टील, इस्पात या कंक्रीट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह मंदिर भारतीय संस्कृति, सभ्यता, परंपराओं और आध्यात्मिकता की आत्मा को प्रदर्शित करता है।

10. बद्रीनाथ मंदिर-
                                            
बद्रीनाथ चार छोटे और बड़े धामों में से एक धाम भी है। यहां का मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है जो कि उत्तराखंड के बद्रीनाथ में स्थित है। इस मंदिर को भगवान विष्णु के 108 दिव्य धामों में से एक माना जाता है।यह हिमालयी क्षेत्र में मौसम की स्थिति के कारण हर साल (अप्रैल के अंत और नवंबर की शुरुआत के बीच) छह महीने के लिए यह खुला रहता है। यह मंदिर अलक्षनंदा नदी के किनारे स्थित है। भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक इस मंदिर का उल्लेख विष्णु पुराण और स्कंद पुराण जैसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है।


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