क्या हैं ऑनलाइन शिक्षा के नुकसान ?


ऑनलाइन शिक्षा के फायदे और नुकसान 


कोविड-19 जैसी महामारी के खतरे को देखते हुए और लॉकडाउन के कारण कई महीनों से बच्‍चों के स्‍कूल बंद है। हालांकि अब लॉकडाउन खत्‍म हो चुका है, और अनलॉक का पहला चरण शुरू हो चुका है लेकिन फिर भी बच्‍चों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए स्‍कूलों को नहीं खोला गया है। ऐसे में बच्‍चे ऑनलाइन क्‍लासेस कर रहे हैं और घर पर अपने मम्मी-पापा के मोबाइल, डेस्कटॉप या लैपटॉप से पढ़ाई कर रहे हैं। वैसे ऑनलाइन क्‍लासेस ने देश में पढ़ाई के क्षेत्र में एक नया रास्‍ता खोल दिया है और आने वाले दिनों में इसका विस्‍तार होने की पूरी संभावना है। ज्‍यादातर बच्‍चे ऑलाइन क्‍लासेस से खुश है। वहीं, स्‍कूल्‍स भी इसे आगे ले जाने की सोच रहे हैं। जहां एक और इसके फायदे है वहीं इससे नुकसान भी हैं। तो आइए जानते हैं ऑनलाइन क्‍लास से बच्‍चों को कौन-कौन से फायदे हैं और क्‍या ये बच्‍चों को नुकसान भी पहंचा रहा है।

ऑनलाइन क्‍लास के नुकसान :

  • शिक्षकों के लिए छोटे बच्चों के बच्चे को ऑनलाइन कक्षा के दौरान एक स्थान में बैठा ना बहुत ही कठिन होगा छोटे बच्चो के साथ  यह एक बड़ी समस्या है।
  • सबसे बड़ी समस्या जो अधिकतर घरों में होगी वह पर्याप्त स्क्रीन और एक बेहतर इंटरनेट कनेक्शन जिस की कमी के कारण ऑनलाइन क्लासेज के दौरान इंटरनेट कनेक्शन में कमी आएगी और छोटी स्क्रीन होने के कारण विषय को समझने में बहुत ही कठिनाई होगी। ऐसी कई परिवार है जहां अभी भी इंटरनेट कनेक्शन नहीं है उनके लिए यह एक बड़ी समस्या है वही काफी छात्र ऐसे भी होते हैं जो गांव में निवास करते हैं ऐसे जगह में इंटरनेट का बेहतर कनेक्शन पाना बहुत मुश्किल है।

  • कई विषय बहुत ही व्यवहारिक हैं जैसे विज्ञान के प्रयोग, शिल्प,शारीरिक शिक्षा,डिजाइनिंग आदि में विद्यार्थी को हाथ पकड़कर सिखाना ज्यादा सही है इसलिए इसे दूर से पढ़ाना बहुत ही मुश्किल है।
  • छात्रों के साथ साथ शिक्षकों के लिए भी ऑनलाइन शिक्षा  एक बड़ी चुनौती है ऐसे बहुत से शिक्षक है जो एंड्राइड फोन या इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं ऐसे में उन शिक्षकों के लिए घर पर बैठकर ऑनलाइन सुविधा के द्वारा  बच्चों को पढ़ाना और  समझाना बहुत मुश्किल है।
  • देशभर में कई छात्र मुफ्त या कम लागत वाले भोजन देने के लिए स्कूल पर निर्भर रहते हैं यह भोजन जो देश की आय असमानता की बड़ी समस्या का समाधान करता  है  देशभर में कई परिवार के बच्चों के लिए आवश्यक पोषण का स्त्रोत है
  • शिक्षक छात्रों के बीच समन्वय की कमी एक महत्वपूर्ण विषय है जब एक शिक्षक क्लास में रहकर सभी बच्चों को किसी विषय के बारे में जानकारी देते हैं तो तो बच्चे उनकी बातों पर अधिक रुचि से ध्यान देते हैं और समझते भी  हैं लेकिन ऑनलाइन शिक्षा के दौरान बच्चों का मन पढ़ाई में लगाना बहुत मुश्किल होता है
  • अचानक शुरू हुई ऑनलाइन कक्षाओं से शिक्षक और स्कूल प्रशासन संसाधन नहीं जुटा पा रहे हैं वहीं छात्रों को भी इस अचानक हुए परिवर्तन से अपनी शिक्षा संबंधी विषय को समझने में बहुत सी  कठिनाइयां हो रही है

  • ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों के आंखों व स्वास्थ्य पर एक बुरा असर पड़ेगा यह माता-पिता  के लिए एक चिंता का विषय है।
  • स्कूल प्रशासन की अधिकतर जिम्मेदारियां उन शिक्षकों के ऊपर होंगी जो ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से छात्रों को पढ़ाएंगे ऐसे में सारा बोझ उन शिक्षकों पर आ जाएगा।


ऑनलाइन शिक्षा के फायदे :

1. पैसों की बचत

                                      
ऑलाइन क्‍लास से पेरेंट्स के जेब का बोझ थोड़ा कम हुआ है। ट्रेवलिंग में खर्च होने वाले पैसों की बचत हो रही है। इस तरह से पेरेंट्स अब अपने बच्‍चों के लिए ऑलाइन कोसेर्स के बारे में भी सोच रहे हैं। अब वो अपने बच्‍चों को मंहगे कोचिंग सेंटर नहीं भेजना चाहते। कई राज्‍य सरकारें भी इस पर विचार कर रही हैं

2. गैजेट से वाकिफ होना

                                         

बच्‍चे वीडियो चैट से क्‍लास कर रहे हैं, जिससे वो तकनीकि तौर पर निपुर्ण हो रहे हैं। यही वजह है कि आज की तारिख में तकरीबन सभी बच्‍चों को गैजेट की अच्‍छी खासी जानकारी है। उनमें ऑलाइन से जुड़ी नई-नई चीजें जानने की ललक बढ़ रही है। ऑनलाइन क्‍लासेस से बच्चों ने तकनीक के इस्तेमाल का नया तरीका सीखा है। वहीं, ऑनलाइन क्‍लासेस से टीचरों ने भी पढ़ाने का नया तरीका सीखा है और बच्चों को पढ़ाने और पढ़ाई के प्रति रूचि बढ़ाने के नए रास्ते ढूंढें हैं

3. सुविधाजनक है

ऑनलाइन क्‍लासेस काफी सुविधाजनक है और इससे ज्यादा सुविधाजनक कोई और माध्यम हो भी नहीं सकता। इसके माध्यम से बच्‍चे घर बैठे, बिना स्‍कूल जाए पढ़ सकते हैं। जहां चाहें वहां बैठकर पढ़ सकते हैं। इस से बच्‍चों को गर्मियों के मौसम में काफी आराम मिल रहा है जिससे वो अपनी एनर्जी अच्छे से यूज़ कर सकते हैं।

4. समय की बचत

                                             

इन क्लासेज के कारण बच्‍चों का ट्रेवलिंग का समय बच रहा है। कई बच्‍चे पढ़ने के लिए अपने घरों से बहुत दूर स्‍कूल जाते हैं, जिससे वो धक जाते है। ट्रेवल में गवाएं समय की वजह से वो कोई एक्स्ट्रा कर्रिकुलम या एक्स्ट्रा एक्टिविटी न हीं कर पाते हैं। लेकिन ऑनलाइन क्लास्सेस से अब उनके पास इतना समय होता है कि वो अपनी रूची की चीजों में ध्‍यान लगा सके, जैसे- म्‍यूजिक, डांस, पेंटिग इत्‍यादी।


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