भारत की सबसे डरावनी और भूतिया जगहें !

भारत एक ऐसा देश है जो बहुत सारे महलों और उनके राजाओं उनके खजाने और उनकी चाबियों के रहस्यों और कई तरह की कहानियों से भरपूर है। भारत में कई जगह ऐसी भी है जहाँ पर कई दर्दनाक मौते हुई हैं जिसके बाद इन जगहों को भूतिया बताया जाने लगा था। यही कारण है कि भारत में स्थित कई इमारते, किले और घाटियाँ अपने भूतिया किस्सों की वजह से आज वीरान पड़ी हुई हैं। आइये जानते हैं भारत कि सबसे भुतिया जगह |

1. भानगढ़ का किला -
  

 

भानगढ़ फोर्ट, राजस्थान के अलवर जिले में स्तिथ है। यह भारत का टॉप मोस्ट हॉन्टेड प्लेस है। इसे आम बोलचाल की भाषा में भूतों का भानगढ़ कहा जाता है। इस किले का निर्माण मान सिंह के छोटे भाई राजा माधो सिंह ने करावाया था। राजा माधो सिंह उस समय अकबर के सेना में जनरल के पद पर तैनात थे। उस समय भानगड़ की जनसंख्‍या तकरीबन 10,000 थी। इस बारे में रोचक कहानी है कि 16 वीं शताब्दी में भानगढ़ बसता है। 300 सालों तक भानगढ़ खूब फलता-फूलता है। फिर यहां कि एक सुन्दर राजकुमारी रत्नावती पर काले जादू में महारथ तांत्रिक सिंधु सेवड़ा आसक्त हो जाता है। वो राजकुमारी को वश में करने लिए काला जादू करता है पर खुद ही उसका शिकार हो कर मर जाता है । पर मरने से पहले भानगढ़ को बर्बादी का श्राप दे जाता है और संयोग से उसके एक महीने बाद ही पड़ौसी राज्य अजबगढ़ से लड़ाई में राजकुमारी सहित सारे भानगढ़ वासी मारे जाते है और भानगढ़ वीरान हो जाता है। तब से वीरान हुआ भानगढ आज तक वीरान है और कहते है कि उस लड़ाई में मारे गए लोगो के भूत आज भी रात को भानगढ़ के किले में भटकते हैं। तांत्रिक के श्राप के कारण उन सब कि आत्मा की मुक्ति आज तक नहीं हो पाई है।

2. कुलधरा गांव, जैसलमेर -

       
     

जैसलमेर जिले का कुलधरा गांव जो की पिछले 170 सालों से वीरान पड़ा हैं। कुलधरा गाँव मूल रूप से पाली से जैसलमेर विस्थापित ब्राह्मण द्वारा बसाया गया. देवली शिलालेखों के अनुसार, गाँव की स्थापना 13 वीं सदी के पूर्वार्द्ध में हुई। कुलधरा गांव के हजारों लोग अपने गांव की एक लड़की को अय्याश दीवान सालम सिंह से बचाने के लिए, एक ही रात मे इस गांव को खाली कर के चले गए थे और जाते-जाते श्राप दे गए थे कि यहां फिर कभी कोई नहीं बस पायेगा। तब से गांव वीरान पड़ा हैं। कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में हैं, कभी हंसता खेलता यह गांव आज एक खंडहर में तब्दील हो चुका है। टूरिस्ट प्लेस में बदल चुके कुलधरा गांव में घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आहट आज भी सुनाई देती है। उन्हें वहां हरपल ऐसा अनुभव होता है कि कोई आसपास चल रहा है। बाजार के चहल-पहल की आवाजें आती हैं, महिलाओं के बात करने उनकी चूडियों और पायलों की आवाज हमेशा ही वहां के माहौल को भयावह बनाते हैं। प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है जिसके पार दिन में तो सैलानी घूमने आते रहते हैं लेकिन रात में इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता हैं। मई 2013 मे दिल्ली से आई भूत-प्रेत व आत्माओं पर रिसर्च करने वाली पेरानार्मल सोसायटी की टीम ने कुलधरा गांव में रात बिताई और यहां पर पारलौकिक गतिविधिया रिकॉर्ड की।

3. डाउ हिल- कुर्शियांग-पश्चिमी बंगाल -

    
कुर्शियांग, पश्चिम बंगाल के दार्जलिंग जिले में स्तिथ एक हिल स्टेशन है। इसकी दार्जलिंग से दुरी 32 किलोमीटर है। इसकी ऊंचाई 4864 फीट है। कुर्शियांग का स्थानीय नाम खरसांग है जिसका मतलब होता है ‘सफेद आर्किड की भूमि’। कुर्शियांग मुख्यतः अपने बोर्डिंग स्कूलों और पर्यटन के लिए जाना जाता है। पर कुर्शियांग से लगती डाउ हिल से एक मिस्ट्री जुडी हुई है जो की इसे भारत के टॉप मोस्ट हॉन्टेड प्लेस की लिस्ट में शामिल कराती है। डाउ हिल के जंगलों में बड़ी संख्या में आत्म हत्याएं हुई है। इस जंगल में इधर-उधर इंसानों की हड्डियां दिखाई दे जाना आम बात है। इसलिए यहां के वातावरण में अजीब सी सिरहन और डर महसूस किया जाता है। इसके अलावा यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि दिसंबर से मार्च तक की छुट्टियों के दौरान उन्हें विक्टोरिया बॉयज स्कूल में पैरों कि आहट सुनाई देती है। एक लकड़हारे का तो यहां तक कहना है की उसने जंगल में एक युवा लड़के की सर कटी लाश को चलते हुए देखा है जो की कुछ दूर जाकर पेड़ों में गायब हो गई। लेकिन डाउ हिल के जंगलो में जाने वाला कोई भी शख्स इस बात से इंकार नहीं करता की ये जगह हॉन्टेड हो या न हो पर डरावनी बहुत है। डाउ ह‌िल के अलावा यहां के कुछ और भी स्‍थान है जो हॉन्टेड माने जाते हैं।


4. शनिवारवाडा किला पुणे-
  


भारत के महाराष्ट्र  राज्य के पुणे ज़िले में स्थित एक दुर्ग  है जिनका निर्माण  1730 में किया था। महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित ये शनिवारवाड़ा है, जिसे शहर की सबसे भुतही जगह माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदर से एक आवाज सुनाई देती है, जो मदद के लिए कहती है। ये आवाज एक राजकुमार की है और आसपास के लोगों को उसके रोने की आवाज सुनाई देती है।  इस महल की नीव बाजीराव प्रथम ने शनिवार के दिन 10 जनवरी 1730 में रखी थी।  इस किले में 30 अगस्त 1773 की रात को 16 साल के नारायण राव जो कि मात्र 14 साल में मराठा साम्राज्य के पेशवा बने थे, उनकी षड़यंत्र करके हत्या कर दी गई थी। जब हत्यारे उनकी हत्या के लिए किले में घुसे नारायण राव खतरा भांपते हुए अपने कक्ष से भाग निकले और चाचा मुझे बचाओ की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें बचाने के लिए कोई नहीं आया। इतिहासकार मानते हैं कि उनके चाचा ने ही उनकी हत्या करवाई थी। स्थानीय लोग कहते हैं कि अमावस्या की रात अब भी एक दर्द भरी रात आवाज आती है, जो बचाओ-बचाओं पुकारती है। ये आवाज उसी राजकुमार की है, जिसकी हत्या करवाई गई थी।

5. अग्रसेन की बावली -
 

 अग्रसेन की बावली भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित एक सीढ़ीनुमा कुवां हैं। इस बावली को महाराजा अग्रसेन ने 14वीं शताब्दी में बनवाया था। यह नई दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास स्थित है। इस बावली का निर्माण लाल बलुए पत्थर से हुआ है।   कहते हैं एक बार इस बावली में काला पानी भर गया था और यह पानी जादुई था। इसे पीने के बाद लोग आत्महत्याएं करने को मजबूर हो जाते थे। रात को यहां अजीब-अजीब आवाजें आती हैं, इसलिए यहां आनेवालों को अंधेरा होने के बाद कभी रुकने नहीं दिया जाता।  आमिर खान के मशहूर फिल्म पीके के कुछ सिन यही फिल्माये गये हैं।  इस बावली के बारे में ऐसा कहा जाता है कि कई सालो पहले एक बार इस बावडी में काला पानी भर गया और उस जादुई काले पानी ने कई लोगो को इस पानी में आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। ऐसा माना जाता था कि उस काले पानी में सम्मोहन की शक्ति थी जिससे कई लोगो की जाने चली गयी। तब से अब तक ये बावड़ी हमेशा सुखी ही रहती है केवल बरसात के समय पानी भरा रहता है।

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