1.5 टन और 2.0 टन के AC में क्‍या अंतर होता है ? [Facts]


एयर कंडीशनर अर्थात AC दो प्रकार के होते है इनके यह दो प्रकार स्प्लिट AC और विंडो AC के रूप में जाने जाते है। स्प्लिट AC में Main Unit और Cooling Unit होती है। Main Unit को घर के बाहरी हिस्‍से छत पर या दिवार में Install किया जाता है। एवं Cooling Unit को घर के अंदर लगाया जाता है । जबकी विंडो AC में दोनो units एक ही मशीन का हिस्‍सा होती है। विंडो AC में सामने का हिस्‍सा रूम के अंदर और पिछला हिस्‍सा रूम के बाहर रख कर set किया जाता है।

आईये जानते है 1.5 टन और 2.0 टन के AC में क्‍या अंतर होता है ?

सबसे पहले समझते है कि टन क्या होता है:- चलिए मान लेते है की आपके पास 1 टन यानी 1000 kg बर्फ है, जिसका तापमान है। आप इस बर्फ का पानी बनना चाहते है, जबकि पानी का तापमान भी ही रहे, अब इस बर्फ को पानी में बदलने के लिए आपके पास 24 घंटे है। आप 24 घंटे के अंदर बर्फ को पानी से बदल देना चाहते है तो आपको इसे गरम करना होगा, गरम करने में प्रयोग हुई ऊर्जा ही आपकी टन( एसी वाली) कहलाती है।

AC के टनेज से भार का कुछ लेना देना नही है।

टन की ac हवा से घंटे में सवा तीस लाख कैलोरी गर्मी हटा सकता है।

डेढ़ टन का ac 1.5x30.25 लाख =45.36 लाख कैलोरी प्रतिघंटा हवा से गर्मी खींच सकता है।

यहां स्पष्ट करना उचित होगा कि 1 टन= 3504 वॉट = 3.5 किलोवॉट

अगर हम 1.5 टन लगाए तो 5256 वॉट यानी 5.25 किलोवॉट हो जाएगा। तो एसी पर लिखा हुआ 1.5 टन का मतलब है कि एसी 5.27 किलोवॉट ऊर्जा को खर्च करेगा।

एक और व्यावारिक भाषा में समझ ने के लिए “ 10ftx10ftx10ft=10 cubic ft वाले कमरे को ठंडा करने के लिए १ टन AC पर्यापत होता हें |

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